नमस्ते और आदाब की संस्कृति को अपनायें

कोरोना वायरस से बचाव के लिये सुरक्षित रहना ही पहला उपाय है। कोरोना वायरस संक्रमण वायरस है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को लगता है। कोरोना वायरस से ग्रसित व्यक्ति के सम्पर्क में आने पर यह वायरस फैलता है। इससे बचने के लिये संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनायें और सर्दी, खांसी और बुखार आने पर तुरन्त डाक्टर को दिखायें। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती पल्लवी जैन ने आज होटल पलाश में सम्पन्न मीडिया कार्यशाला में यह बात कहीं।


प्रमुख सचिव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार केन्द्र सरकार के साथ लगातार सम्पर्क में है। प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित कोई भी मरीज नहीं है। अभी तक 14 सैम्पल जांच के लिये पुणे लैब में भेजे गए थे, जिनमें से 13 सैम्पल की रिपोर्ट निगेटिव आयी है। एक रिपोर्ट आना बाकी है। प्रदेश में 420 लोग दूसरे देशों से आये हैं, जिनमें से 319 लोगों को 28 दिन ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद सार्वजनिक जगहों पर जाने की अनुमति दे दी गयी है, 67 लोग अभी होम आइसोलेशन में हैं। इनमें से किसी भी व्यक्ति में कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं पाया गया है। सभी लोग सुरक्षा की दृष्टि से होम आइसोलेशन में रखे गए थे।


श्रीमती जैन ने बताया कि 6 मार्च को प्रदेश के 350 केन्द्रों पर वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। खजुराहो, सांची, ओरछा और अन्य पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश में सभी जिलों में 2 से 6 बैड आइसोलेटेड किये गए हैं। जिले में तीन सदस्यीय रेपिड एक्शन टीम बनायी गयी है, जो सूचना मिलने पर सुरक्षा के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करेगी। सभी ड्रग इन्स्पेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि कोई भी दवा-संस्थान व दुकान, दवाईयों और मास्क का अतिरिक्त भण्डारण न करे। साथ ही एम.आर.पी. से अधिक कीमत पर दवाइयों को विक्रय न करें। प्रदेश के सभी सैनिक केन्द्रों से भी सम्पर्क रखा जा रहा है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर समन्वय के साथ कार्य किया जा सके।