हजारों किलोमीटर चलकर आये मजदूरों का व्यवस्थापन करे सरकार आऊट सोर्सिंग कर्मचारियों को 2 माह और न हटायें भूख से मौत प्रदेश के माथे पर कलंक : भूपेन्द्र गुप्ता

भोपाल। लगभग 14 दिन के लाकडाउन में प्रदेश के अधिकांश लोगों ने अनुशासन से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन.किया है। किंतु इसके बावजूद हजारों लोग सड़कों पर हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने उत्तर प्रदेश की उस घटना पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया है जिसमें उत्तरप्रदेश की पुलिस और अधिकारियों ने मध्यप्रदेश के गरीबों और मजदूरों को चंबल में कूदने को मजबूर किया है जबकि देश की अन्य राज्य सरकारें ऐसे अन्य प्रदेश के निवासियों को भोजन और ठहरने की व्यवस्था कर रहीं है।उन्होने उत्तर प्रदेश सरकार के इस अमानुषिक रवैये की भत्सर्ना की है।
गुप्ता ने इंदौर की अप्रत्याशित घटना की निंदा करते.हुये सुझाव देकर सरकार से मांग की है कि सरकार इस परिस्थिति से निपटने के लिये सारे राजनैतिक दलों,जनसेवी संगठनों,धार्मिक नेताओं की एक समिति बनाये जो समाज से संवाद करे ताकि अफवाह फैलाने वाले और भ्रमित करने वाले तत्वों की साजिश से प्रदेश को बचाया जा सके। उहोने कहा कि धामनोद तहसील की दूधी पंचायत मे भूख से हुई मौत प्रदेश के माथे पर कलंक है। जबकि हर पंचायत को ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिये ही 30हजार का अतिरिक्त फंड दिया गया है। इस दुखःद घटना के जिम्मेदार लोगों पर दंडात्मक कार्यवाही कर सरकार स्थिति स्पष्ट करे।
गुप्ता ने कहा है कि चूंकि भोपाल की ही एक कंपनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सस्ती टेस्ट किट बना ली गई है, अतः उससे ही आपूर्ति की जावे जिससे न केवल समय पर आपूर्ति होगी बल्कि प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
गुप्ता ने यह भी मांग की है सरकार संविदा या आऊट सोर्सिग के कर्मचारियों की सेवाये 2 माह और समाप्त न करे क्योकि वैल्पिक रोजगार के अभाव में बड़ी संख्या में कर्मचारी तकलीफ में आयेगे। जबकि प्रधानमंत्री जी ने निजी उद्योगों तक को तत्काल छंटनी नहीं करने के निर्देश दिये हैं।