भारत के स्पेस सेक्टर में निवेश करना चाहती हैं विदेशी कंपनियां, अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य जल्द होगा तय- ISRO

भारत (India) विदेशी कंपनियों को संशोधित फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (Foreign Direct Investment) पॉलिसी के साथ जल्द ही अंतरिक्ष क्षेत्र (Spa...
K Sivan

भारत (India) विदेशी कंपनियों को संशोधित फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (Foreign Direct Investment) पॉलिसी के साथ जल्द ही अंतरिक्ष क्षेत्र (Space Sector) में निवेश करने की इजाजत देगा. स्पेस सेक्टर को न केवल देश के भीतर बल्कि विदेशों में भी निजी खिलाड़ियों की हिस्सेदारी के लिए खोलने को लेकर अगला कदम उठाया जाएगा. अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट पॉलिसी में संशोधन किया जा रहा है, जिससे विदेशी कंपनियों के लिए देश में निवेश के काफी मौके खुलेंगे.

भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) के नामित अध्यक्ष पवन गोयंका ने कहा, ‘इसके साथ ही भारत ग्लोबल स्पेस इकोनॉमी में अपनी हिस्सेदारी को 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित करेगा. INSPACe देश में अंतरिक्ष गतिविधि को बढ़ावा देने और विनियमित करने का काम करती है.

अंतरिक्ष विभाग के सचिव और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख के डॉ सिवन (Dr Sivan) ने कहा कि विदेशी कंपनियों के पास अंतरिक्ष क्षेत्र में अपने भारतीय समकक्षों के साथ गठजोड़ करने की बहुत सारी संभावनाएं हैं. स्पेस फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट पॉलिसी को संशोधित किया जा रहा है, जिससे अंतरिक्ष कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए बड़े अवसर मिलेंगे. यह कदम भारतीय और विदेशी कंपनियों के बीच निरंतर जुड़ाव सुनिश्चित करेगा. इससे दोनों (भारतीय और विदेशी कंपनियों) को बहुत लाभ होगा.

इसरो स्पेस साइंस मिशन पर भी देगा ध्यान

डॉ सिवन ने कहा, ‘इस नीति से अंतरिक्ष क्षेत्र न केवल भारत में बल्कि विदेशी निवेश के लिए भी खुला होगा. दूसरी ओर इसरो रिसर्च और डेवलपमेंट के साथ-साथ स्पेस साइंस मिशन पर भी ध्यान केंद्रित करेगा. इतना ही नहीं, यह समय पर और अधिक प्रतिक्रियाशील तरीके से चुनौतियों पर काबू पाने और तकनीकी अंतराल को कम करने पर काम करेगा.’

उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सम्मेलन और प्रदर्शनी में डिजिटल माध्यम से भाग लेते हुए कहा, ‘हमने देखा है कि विदेशी कंपनियों को काफी रूची है.’ यह सम्मेलन भारतीय उद्योग परिसंघ ने एंट्रिक्स, इसरो और एनएसआईएल के सहयोग से आयोजित किया गया है. सिवन ने कहा, ‘हमारी अंतरिक्ष एफडीआई नीति को संशोधित किया जा रहा है और संशोधित नीति विदेशी कंपनियों के लिए भारत में निवेश करने के काफी मौके होंगे.’

उन्होंने कहा, ‘यह भारतीय और विदेशी कंपनियों के बीच निरंतर भागीदारी सुनिश्चित करेगा जिससे दोनों को बहुत लाभ होगा.’ भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) के नामित अध्यक्ष पवन गोयंका ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने कम बजट के बावजूद उन्नत प्रौद्योगिकी से जो उपलब्धियों हासिल की हैं, उससे वह काफी प्रभावित हैं.

ग्लोबल स्पेस इकोनॉमी में भारत की हिस्सेदारी 2 फीसदी से भी कम

अंतरिक्ष विभाग के तहत आने वाले इन-स्पेस इसरो के केंद्रों, विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी के प्रचार, सहयोग, साझा करने के लिए राष्ट्रीय स्तर की स्वायत्त नोडल एजेंसी है. वह भारत में निजी क्षेत्र की अंतरिक्ष गतिविधियों को अधिकृत करती है और उसपर निगरानी भी करती है. गोयंका ने कहा कि 44 अरब डॉलर की वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी दो फीसदी से भी कम है फिर भी वह अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी राष्ट्र है.

इस बीच 40 से अधिक अंतरिक्ष स्टार्टअप और उद्योग अंतरिक्ष क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों में सहयोग करने के लिए अंतरिक्ष एजेंसी से चर्चा कर रहे हैं. इन अंतरिक्ष गतिविधियों में उपग्रहों व प्रक्षेपित वाहनों का विकास, ऐप्लीकेशन विकसित और अंतरिक्ष आधारित सेवा प्रदान करना शामिल है. सिवन ने कहा कि वे हर उद्योग के प्रस्ताव को देख रहे हैं और उनपर आगे की कार्रवाई के लिए विचार किया जा रहा है.

इसरो के वैज्ञानिक सचिव और प्रभारी (इन-स्पेस गतिविधि) आर उमामहेश्वरन ने कहा कि अंतरिक्ष विभाग उपग्रह संचार से संबंधित नीतियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष गतिविधि विधेयक को अलग अलग विभागों में समीक्षा और अंतर-मंत्रालय सलाह-मशविरे के बाद संसद में पेश किया जा रहा है.

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देश का ऑटोमोवाइल सेक्टर जल्द ही सवसे वड़े हव के रूम में अपनी पहचान वनाएगा। यह दावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया है। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष में भारत का ऑटोमोवाइल क्षेत्र दुनिया में पहले नंवर पर पहुंच जाएगा।
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राष्ट्रीय समाचार: भारत के स्पेस सेक्टर में निवेश करना चाहती हैं विदेशी कंपनियां, अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य जल्द होगा तय- ISRO
भारत के स्पेस सेक्टर में निवेश करना चाहती हैं विदेशी कंपनियां, अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य जल्द होगा तय- ISRO
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