लखीमपुर खीरी राजनीतिक पार्टियों के लिए बना सियासत का नया प्रयोग शाला, गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के इस्तीफे पर अड़ी विपक्षी पार्टियां

सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि दूसरी विपक्षी पार्टियां भी लखीमपुर के नाम पर सियासत को आगे बढ़ाने में जुट गई हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अ...
Lakhimpur Kheri Violence 2

सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि दूसरी विपक्षी पार्टियां भी लखीमपुर के नाम पर सियासत को आगे बढ़ाने में जुट गई हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी आज मृत किसानों के परिजनों से बातें की.हर संभव मदद और न्याय दिलाने का भरोसा दिया. वहीं आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने पीड़ित के परिवार से मुलाकात की.कुल मिलाकर लखीमपुर की सियासी लड़ाई गरमाती दिख रही है.

इस बीच केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र ने आज दिल्ली पहुंचकर गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इसके बाद वो नॉर्थ ब्लॉक पहुंचे और रूटीन काम फिर से शुरू किया.आपको बता दें कि ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ने 7 अक्टूबर को होने वाले अपने कार्यक्रम 7th National Conference of Heads of Prisons में अजय मिश्र को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया है.चर्चा थी कि वो इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे लेकिन वो गुरुवार को इस कार्यक्रम में जाएंगे.सूत्र ये भी बता रहे हैं कि अजय मिश्र इस्तीफा नहीं देंगे.

लखीमपुर कांड का एक और वीडियो वायरल

लेकिन विरोधी पार्टियां उनके इस्तीफे की मांग पर अड़ी है.इस बीच लखीमपुर कांड का एक और वीडियो वायरल हो रहा है. जिसने इस मामले में एक और बड़ा नाम जोड़ दिया है आखिर उस वीडियो में क्या है क्या दिखाई-सुनाई दे रहा है. ये आपको हम अगली रिपोर्ट में दिखाएंगे और साथ ही ये भी बताएंगे कि एक के बाद एक किस तरह वीडियो सामने आ रहे हैं उनसे अब तक क्या हासिल हुआ है और चार दिन बाद भी लखीमपुर खीरी कांड का पूरा सच सामने क्यों नहीं आ पाया है. वो कौन से सवाल हैं, जिनके जवाब अभी भी मिलना बाकी हैं

लखीमपुर खीरी घटना के बाद एक के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं..हालांकि टीवी9 भारतवर्ष इन वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.तमाम वीडियो सामने आने के बाद भी कई सवाल हैं, जिनके जवाब मिलने बाकी हैं जैसा कि आरोप लगाया जा रहा है कि गाड़ी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का बेटा आशीष मिश्रा चला रहा था.तो सवाल ये उठता है कि अब तक सामने आए किसी भी वीडियो में वो साफ-साफ क्यों नहीं दिखाई पड़ा.मतलब ये कि गाड़ी कौन चला रहा था.इसका सबूत अभी भी मिलना बाकी है.

लखीमपुर के मुद्दे पर सियासत की तीन बड़ी वजहें

वारदात में स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप की भी मौत हुई है.लेकिन अभी तक किसी भी वीडियो से ये पता नहीं लगा है कि रमन के साथ क्या हुआ था, उन्हें किसने मारा…सवाल ये भी है कि क्या रमन के पास कुछ ऐसे सबूत थे, जिनकी वजह से उन्हें टारगेट किया गया. पूरे घटनाक्रम पर सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि डिप्टी CM का रूट डायवर्ट किए जाने और पुलिस की तैनाती के बावजूद लोगों से भरी तीन गाड़ियां किसानों के प्रदर्शन स्थल की तरफ क्यों जाने दिया गया?

दिनदहाड़े हुई वारदात का री-क्रिएशन रात में किए जाने से भी सवाल उठ खड़े हुए हैं.मंगलवार रात साढ़े ग्यारह के करीब पुलिस की टीम ने घटनास्थल पर जाकर क्राइम सीन का री-क्रिएशन किया.जब तक इन तमाम शंकाओं और सवालों का जवाब नहीं मिल जाता.तब तक लखीमपुर खीरी कांड का पूरा सच सामने नहीं आ सकता है.और बहुत मुमकिन है कि तब तक इस पर सियासत जारी रहेगी..क्योंकि लखीमपुर के मुद्दे पर सियासत की तीन बड़ी वजहें हैं– पहला– किसान..दूसरा- यूपी का सबसे बड़ा जिला लखीमपुर खीरी ..जहां 2017 चुनाव में बीजेपी ने क्लीन स्विप किया था और तीसरा– लखीमपुर से सटा पश्चिमी यूपी का इलाका जहां की करीब 90 प्रतिशत सीटों पर बीजेपी का कब्जा है.

आपको बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने लखीमपुर खीरी जिले की सभी 8 सीटें जीती थीं..जबकि 2012 के चुनाव में इसके खाते में महज 1 सीट थी. इसके अलावा लखीमपुर खीरी के आसपास के जिले पीलीभीत, सहारनपुर, हरदोई सीतापुर और बहराइच में भी बीजेपी को बंपर वोट मिले थे. इन 6 जिलों के 42 सीटों में से बीजेपी ने 37 पर कब्जा जमाया था.जबकि इन जिलों में समाजवादी पार्टी को चार और कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी.मतलब यहां सभी विपक्षी पार्टियों की फिक्र तराई वाले इलाके से लेकर पश्चिमी यूपी पर अपनी ज़मीन मजबूत करने की है..वहीं बीजेपी की चिंता अपनी ज़मीन बचाने की है..क्योंकि दिल्ली की सीमा पर बैठे किसान करीब एक साल से नाराज़ हैं..जिसे विपक्ष ने खाद पानी देकर जिंदा किया हुआ है..और अब लखीमपुर के किसानों के नाम पर यूपी के संग्राम की तैयारी चल रही है.

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देश का ऑटोमोवाइल सेक्टर जल्द ही सवसे वड़े हव के रूम में अपनी पहचान वनाएगा। यह दावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया है। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष में भारत का ऑटोमोवाइल क्षेत्र दुनिया में पहले नंवर पर पहुंच जाएगा।
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