वायरल वीडियो से खुल रहे लखीमपुर खीरी की घटना के राज, किसानों की हत्या के गुनहगार कब होंगे गिरफ्तार?

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में 4 किसानों की हत्या का जिम्मेदार कौन है? 8 इंसानों की मौत का गुनहगार कौन है? और आखिर कब ग...
Lakhimpur Kheri (1) (1)

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में 4 किसानों की हत्या का जिम्मेदार कौन है? 8 इंसानों की मौत का गुनहगार कौन है? और आखिर कब गिरफ्तार होंगे इस जघन्य हत्याकांड के आरोपी? आज हम आपको किसानों को रौंदने वाली गाड़ी और गाड़ी से भागते बीजेपी नेता के बारे में भी बताएंगे. और वायरल हो रहे इन वीडियो का बारीकी से विश्लेषण भी करेंगे. लखीमपुर कांड के चार नए वीडियो भी सामने आए हैं. पहले आपको इस मामले में दर्ज FIR की EXCLUSIVE कॉपी की डिटेल्स बताते हैं.

पीड़ित की तरफ से दर्ज कराई गई FIR में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र उर्फ मोनू का नाम है. मोनू के अलावा 15-20 अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बताया गया है. इनके खिलाफ IPC की धारा 147, 148, 149, 279, 338, 304-A, 302 और 120-B के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.. ब यहां ये भी जान लीजिए कि इस FIR में घटनाक्रम क्या दर्ज किया गया है. FIR में जो शिकायत लिखी गई है, उसके मुताबिक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे आशीष मिश्र अपनी तीन गाड़ियों में सवार होकर 15-20 अज्ञात हथियारबंद लोगों के साथ बनवीरपुर से सभा स्थल की ओर तेज गति से आए. आशीष मिश्र अपनी थार महिंद्रा गाड़ी में बाईं सीट पर बैठकर फायरिंग करते हुए, भीड़ को रौंदते हुए आगे बढ़े और फायरिंग के कारण एक किसान की मौत हो गई.

हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, किसी की भी मौत गोली लगने से नहीं हुई है. बहरहाल ये जांच का विषय है. लखीमपुर मामले की जांच के लिए आईजी लक्ष्मी सिंह ने एक कमेटी भी बना दी है. इस 6 सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता एडिशनल एसपी अरुण कुमार करेंगे. इनके अलावा डीएसपी संजय तिवारी, डीएसपी संदीप सिंह और तीन इंस्पेक्टर में इस कमेटी में शामिल होंगे.

लखीमपुर-खीरी कांड का एक वीडियो आज पूरे दिन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दिख रहा है कि बड़ी संख्या में किसान हाथों में झंडा लेकर चल रहे हैं. इस बीच एक थार गाड़ी आई और किसानों को रौंदते हुए निकल गई. वीडियो को गौर से देखने पर पता चलता है कि सबसे पहले इस गाड़ी ने सफेद कपड़े पहने एक किसान को पीछे से टक्कर मारी, जिससे वो उछलकर जीप की बोनट पर आ गए. इसके बावजूद ड्राइवर जीप को भगाता रहा. जब गाड़ी आगे निकल गई तो यहां कई लोग सड़क किनारे पड़े दिखे. करीब दस सेकंड बाद जीप के पीछे एक काले रंग की कार वहां से दनादनाती हुई निकली और घटना स्थल पर चीख पुकार मच गई.

आपको बता दें कि लखीमपुर खीरी घटना के नाम से ऐसे कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, हालांकि टीवी9 भारतवर्ष इन वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. बहरहाल…सोशल मीडिया पर वायरल एक दूसरे वीडियो में दिख रहा है कि भगदड़ के बीच सड़क किनारे थार गाड़ी रुकी है. उसके पहिए में एक डेडबॉडी फंसी है और कुर्ता पायजामा पहना एक शख्स गाड़ी से निकलकर भाग रहा है. जीप से भाग रहे शख्स को सोशल मीडिया यूजर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र का बेटा आशीष मिश्र बताने लगे. इस दो सेकंड के वीडियो के आधार पर ही अजय मिश्र की गिरफ्तारी की मांग करने लगे.

सोशल मीडिया पर और भी वीडियो वायरल

हालांकि एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जीप से भाग रहा शख्स आशीष मिश्र नहीं बल्कि सुमित जायसवाल हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक सुमित स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ता हैं और नगर पालिका परिषद लखीमपुर में शिवपुरी वॉर्ड से सभासद हैं. सुमित आशीष मिश्र के बेहद करीबी हैं और कई कार्यक्रम में उनके साथ देखे गए हैं. घटना के दिन सुमित भी बनबीरपुर में आयोजित कार्यक्रम में गए थे.

सोशल मीडिया में वायरल तीसरे वीडियो में दिख रहा है कि काले रंग की फॉर्च्यूनर कार को किसानों ने घेर रखा है. काले झंडे लेकर किसान बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि इस ब्लैक फॉर्च्यूनर के अंदर पवन वर्मा दिख रहे हैं, जो ब्लॉक प्रमुख और बीजेपी के स्थानीय नेता हैं. सोशल मीडिया पर लखीमपुर की घटना के नाम से एक और वीडियो वायरल है. जिसमें काले झंडे के साथ प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच से एक साथ तीन गाड़ियां निकलती दिखती हैं. पहली गाड़ी थार है, इसके बाद ब्लैक फॉर्च्यूनर और फिर सफेद रंग की एक गाड़ी…इन गाड़ियों को वहां मौजूद किसानों ने झंडा भी दिखाया और उन पर डंडे भी चलाए.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने वीडियो शेयर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, “ये वीडियो आपकी सरकार के एक मंत्री के एक बेटे को किसानों को अपनी गाड़ी के नीचे कुचलते हुए दिखाता है…इस वीडियो को देखिए और देश को बताइए कि इस मंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया गया है? और इस लड़के को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है?”

प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं पर FIR दर्ज

एक तरफ प्रियंका गांधी ट्विटर के जरिए अपने संघर्ष को बढ़ाने की कोशिशें करती रहीं, तो दूसरी ओर प्रशासन का ड्रोन सीतापुर गेस्ट हाउस की निगरानी करता रहा और करीब तीस घंटे तक हिरासत में रहने के बाद प्रियंका को गिरफ्तार किया गया. पीएसी गेस्ट हाउस को ही अस्थायी जेल बनाया गया. यूपी पुलिस ने इस मामले में प्रियंका गांधी के अलावा दीपेंद्र हुड्डा, यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत 11 लोगों खिलाफ शांति भंग करने की धारा 151, 107 और 116 के तहत FIR दर्ज की. इधर, सीतापुर गेस्ट हाउस के बाहर सुबह से कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए.

इस बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रियंका गांधी से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचे तो उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया. इसके बाद बघेल ने वहीं फर्श पर बैठकर धरना शुरू कर दिया, लेकिन प्रशासन ने उन्हें एयरपोर्ट से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी. थक हारकर बघेल ने एयरपोर्ट से ही वापसी की उड़ान पकड़ी. उधर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने लखीमपुर कांड को लेकर सरकार को अल्टीमेटम दिया. सिद्धू ने ट्विटर पर लिखा कि अगर कल तक लखीमपुर खीरी की घटना में शामिल केंद्रीय मंत्री के बेटे के खिलाफ कार्यवाई नहीं की गई और प्रियंका गांधी को रिहा नहीं किया गया तो पंजाब कांग्रेस लखीमपुर खीरी की ओर मार्च करेगा.

लखीमपुर की घटना को लेकर दिल्ली में भी सियासत जारी रही है. राहुल गांधी ट्विटर के जरिए प्रियंका गांधी का हौसला बढ़ाते रहे. वहीं इस मसले को लेकर शिवसेना के सीनियर लीडर संजय राउत भी राहुल गांधी से मिले. मतलब लखीमपुर खीरी को लेकर सियासी लड़ाई थमती नहीं दिख रही है. यूपी चुनाव के मुहाने पर कांग्रेस इस मुद्दे को हाथ से फिसलने नहीं देना चाह रही है.

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त करने की मांग

कांग्रेस लखीमपुर कांड के आरोपी आशीष मिश्र की गिरफ्तारी और उनके पिता केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करने की मांग कर रही है. जबकि अजय मिश्र बार बार ये दावा कर रहे हैं कि अगर कोई ये साबित कर दे कि उनका बेटा घटना स्थल पर मौजूद था, तो वो अपने पद से इस्तीफा दे देंगे और उनका बेटा आशीष मिश्र भी यही दावा कर रहा है कि वो बेकसूर है..उसके खिलाफ गलत FIR दर्ज कराई गई है.

पिछले दो दिनों से लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर अलग-अलग दावे हो रहे थे. किसान, पुलिस, बीजेपी कार्यकर्ता सबकी अलग-अलग दलीलें थी. खासतौर से ये दावा किया जा रहा था कि किसानों की मौत गोली लगने से हुई…लेकिन अब इस मामले में सभी मरने वालों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ गई है. इसमें कई बड़े खुलासे हुए हैं.

एक किसान गुरविंदर सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संयुक्त किसान मोर्चा सहमत नहीं है, भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैट ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि दोबारा पोस्टमार्टम की मांग पर सरकार ने बोर्ड गठित कर डॉक्टरों को हेलीकॉप्टर से बहराइच भेजा है. सभी को गुरविंदर सिंह की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार रहेगा…लेकिन बाकी सभी मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह का खुलासा हुआ है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसानों की मौत की वजह

सबसे पहले आपको पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक चार किसानों की मौत की वजह बताते हैं. जिनकी मौत की वजह पर सबसे ज्यादा विवाद है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, किसान लवप्रीत सिंह की मौत घिसटने से हुई. लवप्रीत के शरीर पर चोट के निशान मिले…पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों ने शॉक और हेमरेज को मौत की वजह माना है. वहीं किसान गुरविंदर सिंह के शरीर पर दो चोट और घिसटने के निशान मिले, गुरविंदर के शरीर पर चोट और घिसटने के निशान धारदार या नुकीली चीज से आई. इनकी मौत की वजह भी शॉक और हेमरेज है.

वहीं किसान दलजीत सिंह के शरीर पर कई जगह घिसटने के निशान पाए गए. पीएम रिपोर्ट में दलजीत की मौत की वजह भी यही बनी. चौथे किसान छत्र सिंह मौत से पहले ही शॉक, हेमरेज और कोमा में चले गए…इनके शरीर पर भी घिसटने के निशान मिले. हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर किसान गुरविंदर सिंह के परिवार वालों ने गड़बड़ी का आरोप लगाया है.

सोमवार को भी धरना स्थल पर मौजूद किसानों में से ज्यादातर का दावा था कि किसानों पर गाड़ियां ही नहीं चढ़वाई गईं, बल्कि गोली भी चलाई गईं…कुछ किसानों ने लोगों की गोली लगने से मौत का दावा किया, हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अबतक गोली लगने से मौत की पुष्टि नहीं हुई है. तीन बीजेपी नेताओं की मौत की वजह भी गंभीर चोट ही है. बीजेपी नेता शुभम मिश्रा के शरीर पर दर्जनभर से ज्यादा जगहों पर चोट के निशान मिले. ये निशान लाठी और डंडो के थे. और गंभीर चोट की वजह से ही उनकी मौत हुई.

स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप की भी मौत

बीजेपी कार्यकर्ता श्याम सुंदर के शरीर पर भी चोट के निशान मिले. श्याम सुंदर की बॉडी पर घिसटने से दर्जनभर से ज्यादा चोटें आईं. और उनकी मौत हो गई. बीजेपी कार्यकर्ता और अजय मिश्रा के ड्राइवर हरिओम मिश्रा के शरीर पर भी कई जगह चोट के निशान मिले…इनकी लाठी-डंडों से पिटाई हुई और मौत से पहले शॉक और हेमरेज हुआ. पोस्टमॉर्ट रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप की मौत भी शॉक और हेमरेज से हुई. उनके शरीर पर पिटाई के गंभीर निशान मिले.

बीजेपी कार्यकर्ता श्याम सुंदर का एक वीडियो भी सामने आ चुका है जिसमें वो खून से लथपथ हैं और भीड़ से जान बख्शने की गुहार लगा रहे हैं लेकिन लाख मिन्नतें के बावजूद हमलावर उसे पीट रहे हैं. श्याम सुंदर अपने घर का इकलौता कमाने वाला शख्स था. अब श्याम सुंदर का परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है. श्याम सुंदर के परिवार की तरह ही स्थानीय पत्रकार रमन के घर भी मातम पसरा है. मृतक पत्रकार रमन की मां के आंसू तो थम ही नहीं रहे. ज़ार ज़ार बहते आंसू के बीच वो बार-बार रमन के दो बच्चों की बात करती है…सवाल करती है कि अब इनकी परवरिश कौन करेगा…सवाल करती हैं कि आखिर उसके बच्चे क्या गलती है…क्यों रमन की निर्ममता से पीट पीटकर हत्या कर दी गई.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद अब सवाल तो उठता है कि आखिर लखीमपुर खीरी में हुई इस हिंसा में बेगुनाहों की मौत का असली जिम्मेदार कौन है. हिंसा की साजिश किसने रची…क्या लखीमपुर खीरी में किसानों के बीच अराजक तत्व शामिल थे. ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब अभी मिलने बाकी हैं.

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देश का ऑटोमोवाइल सेक्टर जल्द ही सवसे वड़े हव के रूम में अपनी पहचान वनाएगा। यह दावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया है। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष में भारत का ऑटोमोवाइल क्षेत्र दुनिया में पहले नंवर पर पहुंच जाएगा।
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वायरल वीडियो से खुल रहे लखीमपुर खीरी की घटना के राज, किसानों की हत्या के गुनहगार कब होंगे गिरफ्तार?
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