लाल ग्रह के सफर पर निकला मंगलयान, जब स्पेस क्षेत्र में मिली बड़ी सफलता, दुनिया ने माना भारत का लोहा

भारत के अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में पांच नवंबर का दिन एक खास उपलब्धि के तौर पर दर्ज है. भारत ने 5 नवंबर 2013 को अपना पहला मंगलयान सफलताप...
Mars Orbiter Mission

भारत के अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में पांच नवंबर का दिन एक खास उपलब्धि के तौर पर दर्ज है. भारत ने 5 नवंबर 2013 को अपना पहला मंगलयान सफलतापूर्वक अंतरिक्ष के लिए रवाना किया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपने पीएसएलवी के माध्यम से इसे लॉन्च किया था. मार्स ऑर्बिटर मिशन (MOM) यानी मंगलयान की लॉन्चिंग के साथ ही अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत ने एक नया अध्याय लिख दिया.

इतना ही नहीं, इसके साथ-साथ भारत मंगल की कक्षा में पहुंचने वाला पहला एशियाई देश और पहले प्रयास में ही पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन गया. सबसे कम लागत में तैयार यह अंतरिक्ष यान 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में पहुंचा था. भारत से पहले अमेरिका, रूस और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने मंगल की कक्षा में प्रवेश करने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. मंगलयान का वजन 1350 किलो था. यह एक ऐसा मिशन था, जिसने भारत को पूरे विश्व में एक नई पहचान दिला दी.

24 सिंतबर को मंगलयान ने कक्षा में पूरे किए सात साल 

यह मंगलयान छह महीने के टारगेट मिशन के लिए गया था, हालांकि इस साल 24 सिंतबर को इसने अपनी कक्षा में सात साल पूरे कर लिए. मंगलयान, दूसरे ग्रह पर भेजा जाने वाला इसरो का पहला अभियान था और इसे पांच नवंबर 2013 को शुरू किया गया था. यान 24 सितंबर 2014 को अपनी कक्षा में पहले ही प्रयास में सफलतापूर्वक पहुंच गया था और ऐसा कारनामा भारत से पहले कोई और देश नहीं कर पाया था. इस अभियान के सभी लक्ष्य पूरे कर लिए गए थे और इससे जो कुछ भी सीखने को मिला उससे इसरो के वैज्ञानिकों का आत्मविश्वास और भी ज्यादा बढ़ गया.

मंगल पर भेजे गए अब तक कुल 58 मिशन

मंगल ग्रह पर अब तक कुल 58 मिशन भेजे गए हैं. पहले मिशन की शुरुआत सबसे पहले सोवियत संघ ने की थी. हालांकि सोवियत संघ को इस मिशन में सफलता नहीं मिल पाई. सोवियत संघ ने पहला मंगल मिशन 10 अक्टूबर 1960 को भेजा था. सोवियत संघ को मंगल ग्रह के चारों ओर चक्कर लगाने वाले ऑर्बिटर मिशन में सफलता 19 मई 1971 को मिली थी. हालांकि मई 28 को सोवियत संघ ने मंगल ग्रह रोवर उतारने की असफल कोशिश की. मिशन मंगल की पहली सफलता 28 नवंबर 1964 को अमेरिका को मिली और अमेरिका पहली बार में ही मंगल मिशन में सफल रहा.

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देश का ऑटोमोवाइल सेक्टर जल्द ही सवसे वड़े हव के रूम में अपनी पहचान वनाएगा। यह दावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया है। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष में भारत का ऑटोमोवाइल क्षेत्र दुनिया में पहले नंवर पर पहुंच जाएगा।
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