Fighter Jet MiG-21: लड़ाकू विमान मिग-21 बार-बार क्यों हो रहा क्रैश, जानें क्या है इसका कारण

इंडियन एयर फोर्स (Indian Air Force) का लड़ाकू विमान मिग-21 बाइसन ( fighter aircraft mig-21 bison) शुक्रवार को प्रशिक्षण उड़ान के दौरान राज...
Mig 21 Bison

इंडियन एयर फोर्स (Indian Air Force) का लड़ाकू विमान मिग-21 बाइसन (fighter aircraft mig-21 bison) शुक्रवार को प्रशिक्षण उड़ान के दौरान राजस्थान के जैसलमेर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में विमान में मौजूद पायलट विंग कमांडर हर्षित सिन्हा शहीद हो गए. मिग-21 के दुर्घटनाग्रस्त होने का ये पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी ऐसे कई हादसे हो चुके हैं. बात अगर इसी साल की करें तो पांचवीं बार मिग-21 दुर्घटनाग्रस्त हुआ है.

इंडियन एयर फोर्स में शामिल होने के बाद से मिग-21 अब तक 400 से ज्यादा बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है. मिग-21 के दुर्घटनाग्रस्त होने के साथ ही अब तक 200 से ज्यादा पायलट और 50 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. मिग-21 के लगातार दुर्घटनाग्रस्त होने के चलते इसकी सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं कि लगभग 60 साल पुराने इस विमाम को आखिर क्यों उड़ाया जा रहा है. इसके अलावा मिग-21 को तेजस से बदलने की मांग भी हो रही है.

1963 में इंडियन एयर फोर्स ने अपने बेड़े में किया था शामिल

करीब 177 करोड़ रुपए की कीमत वाले इस मिग-21 को इंडियन एयर फोर्स ने साल 1963 में अपने बेड़े में शामिल किया था. उस समय इंडियन एयरफोर्स ने सोवियत संघ (आज का रूस है) उससे 874 सुपरसोनिक लड़ाकू विमान मिग-21 खरीदा था. वहीं साल 1967 में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड ने इस लड़ाकू विमान का प्रोडक्शन शुरू कर दिया, लेकिन 1985 में रूस ने इस विमान का निर्माण बंद कर दिया.

अपग्रेड होने के बाद भी होते हैं हादसे

इंडियन एयर फोर्स में शामिल होने के बाद से अब तक लड़ाकू विमना मिग-21 को दर्जनों बार अपग्रेड किया जा चुका है. हालांकि इतने अपग्रेड होने के बावजूद भी इसके इंजन में सुधार नहीं किया जा सका. साल 2014 में तत्कालीन भारतीय वायुसेना प्रमुख अरूप राहा ने इस लड़ाकू विमान को लेकर कहा था कि पुराने विमानों को हटाने में भारत जितनी देरी करेगा, भारत के लिए सुरक्षा की दृष्टि से खतरा उतना ही बढ़ता जाएगा.

पायलटों की ट्रेनिंग के लिए मिग-21 का हुआ सबसे ज्यादा इस्तेमाल

मिग-21 लड़ाकू विमानों के बड़ी संख्या में दुर्घटनाग्रस्त होने की एक वजह एयर फोर्स में लंबे समय तक किसी और फाइटर जेट का न शामिल होना भी है. लंबे समय तक एयर फोर्स में कोई नया फाइटर जेट शामिल नहीं किया गया, जिससे पूरा भार मिग-21 पर ही रहा. 1980, 1990 और 2000 के दशक की शुरुआत में पायलटों की ट्रेनिंग के लिए सुपरसोनिक मिग-21 फाइटर जेट को ही इस्तेमाल किया गया. इसी अवधि में इन फाइटर जेट के साथ काफी हादसे भी हुए.

रूस समेत ज्यादातर देश मिग-21 को कर चुके हैं रिटायर

रूस समेत ज्यादातर देश मिग-21 को पहले ही अपने यहां रिटायर कर चुके हैं, लेकिन भारत आज भी इसका इस्तेमाल कर रहा है. भारत में जब इसे साल 1963 में खरीदा था तो इसकी रिटायरमेंट की अवधि साल 1990 डिसाइड की गई थी, लेकिन भारत इसे आज तक बार-बार अपग्रेड करके इसका इस्तेमाल कर रहा है. हालांकि जिस तरह से लगातार मिग-21 दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, उसे देखते हुए अब इसे समय रहे भारत से भी रिटायर कर देना चाहिए.

मिग-21 को कहा जाता है ‘उड़ता ताबूत’

दुनियाभर में ये एकलौता विमान है, जिसका इस्तेमाल पूरी दुनिया के करीब 60 देशों ने किया. साथ ही ये अकेला ऐसा विमान भी है जिसके पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा 11496 यूनिट्स बनाए गए हैं. छह दशक से भी ज्यादा समय से लड़ाकू विमान मिग-21 भारत की सेवा कर रहा है. अब तक इसी विमान के सबसे ज्यादा हादसे भी हुए हैं और यही कारण है कि इंडियन एयर फोर्स के इस विमान को उड़ता ताबूत कहा जाता है. हालांकि इसे उड़ाने वाले पायलट आज भी इसे एक बेहतर लड़ाकू विमान मानते हैं.

मिग-21 ने हर युद्ध में भारत का दिया है साथ

भले ही मिग-21 सबसे ज्यादा बार दुर्घटनाग्रस्त हुआ हो, लेकिन ये भारत का गौरव है. दरअसल युद्ध के मैदान में इस लड़ाकू विमान ने कभी भी धोखा नहीं दिया है. साल 1971 और साल 1999 के करगिल युद्ध में भी इसी लड़ाकू विमान मिग-21 ने दुश्मन देश पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे.

बालाकोट ऑपरेशन में भी शामिल था लड़ाकू विमान मिग-21

करीब दो साल पहले बालाकोट में आतंकी ठिकानों के खिलाफ किए गए ऑपरेशन में मिग-21 शामिल था. विंग कमांडर अभिनंदन ने अपने मिग-21 बायसन से ही दुश्मन देश पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराया. हालांकि इस दौरान उनके भी मिग-21 बायसन विमान में भी आग लग गई थी और वो दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.

ये भी पढ़ें- वायुसेना पायलट के लिए ‘उड़ता ताबूत’ बना मिग-21, इस साल पांचवीं बार हादसे का शिकार हुआ विमान

ये भी पढ़ें- Rajasthan Aircraft Crash: पाकिस्तान सीमा के पास जैसलमेर में MIG-21 विमान क्रैश, पायलट शहीद

देश का ऑटोमोवाइल सेक्टर जल्द ही सवसे वड़े हव के रूम में अपनी पहचान वनाएगा। यह दावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया है। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष में भारत का ऑटोमोवाइल क्षेत्र दुनिया में पहले नंवर पर पहुंच जाएगा।
यह भी पढ़ें

Nishpaksh Mat

General knowledge

Name

General knowledge,3,Latest news update,113,National News,5448,राष्ट्रीय समाचार,5448,
ltr
item
राष्ट्रीय समाचार: Fighter Jet MiG-21: लड़ाकू विमान मिग-21 बार-बार क्यों हो रहा क्रैश, जानें क्या है इसका कारण
Fighter Jet MiG-21: लड़ाकू विमान मिग-21 बार-बार क्यों हो रहा क्रैश, जानें क्या है इसका कारण
https://images.tv9hindi.com/wp-content/uploads/2021/12/Mig-21-Bison-1024x576.jpg
राष्ट्रीय समाचार
https://www.nishpakshmat.page/2021/12/fighter-jet-mig-21-21.html
https://www.nishpakshmat.page/
https://www.nishpakshmat.page/
https://www.nishpakshmat.page/2021/12/fighter-jet-mig-21-21.html
true
6650069552400265689
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content